Best 207+ महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार | Mahapurushon ke sarvashreshth suvichar

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हमे अपने जीवन में सफल इंसान बनना है तो हमे महापुरुषों के द्वारा कहे गए सुविचार पढ़ने चाहिए आपके साथ हमने इस लेख में महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार साझा किए है। जिन्हें आप पढ़ कर अपने जीवन को सफल बना सकते हो। यह महापुरुषों के सुविचार आपको जीवन जीने का तरीका सिखाते है।

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार (Mahapurushon ke sarvashreshth suvichar) पढ़कर हम अपने जीवन में आई हुई कठिनाइयों से लड़ सकते है। सुविचार हमारे जीवन की परेशानियों को हल करते है। आप भी सफलता की ऊंचाइयों को छूना चाहते हो तो आपको महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार अवश्य पढ़ने चाहिए। महापुरुष हमारे लिए प्रेरणा होते है और इनके सुविचार हमें जीवन को सही दिशा में ले जाने के लिए प्रेरित करते है।

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

अधिकार खोकर बैठे रहना
यह महादुष्कर्म है |
“मैथलीशरण गुप्त”

पिता की सेवा करना जिस प्रकार
कल्याणकारी माना गया है वैसा
प्रबल साधन न सत्य है, न दान है
और न यज्ञ हैं। – वाल्मीकि

जैसे पके हुए फलों को गिरने के
सिवा कोई भय नहीं वैसे ही पैदा
हुए मनुष्य को मृत्यु के सिवा कोई
भय नहीं। – वाल्मीकि

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

हताश न होना सफलता का
मूल है और यही परम सुख है।
उत्साह मनुष्य को कर्मो में
प्रेरित करता है और उत्साह ही कर्म
को सफल बनता है। – वाल्मीकि

तप ही परम कल्याण का
साधन है। दूसरे सारे सुख तो
अज्ञान मात्र हैं। – वाल्मीकि

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी। (जननी (माता) और जन्मभूमि स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ है) – महर्षि वाल्मीकि (रामायण)

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

शुद्ध न्याय में शुद्ध दया होनी चाहिए,
न्याय का विरोध करने वाली दया,
दया नहीं बल्कि क्रूरता है |
“महात्मा गाँधी”

सबसे अच्छा मनुष्य वह है,
जो अपनी प्रगति के लिए
सबसे अधिक श्रम करता है |
“सुकरात”

अनुशासन किसी के ऊपर थोपा नहीं जाता,
अपितु आत्म अनुशासन लाया जाता है |
“अटल बिहारी बाजपेयी”

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

विचारोत्तेजक ग्रीटिंग कार्ड
दुःख को दूर करने की
एक ही औषधि है –
मन से दुखों की चिंता न करना
“वेदव्यास”

इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है,
सफलता का आनन्द
उठाने के लिए ये जरुरी है |
“अब्दुल कलाम”

अपने आप पर
विजय प्राप्त करना ही
आपकी महानतम विजय होती है। – प्लेटो

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

मित्रता बहुत सावधानीपूर्ण करें।
पर जब कर लीजिये तो उसे पूरी
ईमानदारी और दृणता के साथ
निभाइये। – सुकरात

मैं अगर असफल हो गया तो
मुझे कोई अफ़सोस नहीं।
यदि मैनें प्रयास नहीं किया तो
मुझे जरूर अफ़सोस होगा।
– जेफ बेज़ोस

गलती से भी अपने राज किसी
दूसरों को न बतायें वो आपको
बर्बाद कर सकते हैं। – चाणक्य

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

जीवन एक अवसर है,
इससे लाभ लें।
जीवन सौंदर्य है,
इसकी प्रशंसा करें।
जीवन एक सपना है,
इसे साकार करें। – मदर टेरेसा

जिस प्रकार बिना जल के धान
नहीं उगता उसी प्रकार बिना
विनय के प्राप्त की गई विद्या
फलदायी नहीं होती। – भगवान महावीर

जय उसी की होती है जो अपने को संकट में डालकर कार्य संपन्न करते हैं। जय कायरों की कभी नहीं होती। – जवाहरलाल नेहरू

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

किसी को तुम दिल से चाहो
और वो तुम्हारी कदर न करे तोविचारोत्तेजक ग्रीटिंग कार्ड
ये उनकी बदनसीबी है तुम्हारी नहीं।
—अमरनाथ भल्ला, लुधियाना

Mahapurushon ke sarvashreshth suvichar

सत्याग्रह की लड़ाई हमेशा दो प्रकार की
होती है। एक ज़ुल्मों के खिलाफ़ और
दूसरी स्वयं की दुर्बलता के
विरुद्ध। – सरदार पटेल

लोहा गरम भले ही हो जाए
पर हथौड़ा तो ठंडा रह कर
ही काम कर सकता है। – सरदार पटेल

जन्म होने पर बंटने वाली मिठाई से
शुरू हुआ जिंदगी का यह खेल
श्राद्ध की खीर पर आकर
खत्म हो जाता है।
यही जीवन की मिठास है
और बड़े दुर्भाग्य की बात है कि
बंदा इन दोनों मौकों पर
ये दोनों चीजें खा नहीं पाता।

गरीबों में अच्छा वक्त आने की
उम्मीद रहती है लेकिन
अमीरों को सदा बुरा वक्त आने का
खौफ रहता है।

शिक्षा पर भारतीय महापुरुषों के विचार

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

हमें हार नहीं माननी चाहिए
और समस्या को हमें हराने की
अनुमति नहीं देनी चाहिए।
– ए पी जे अब्दुल कलाम

अपने मन और प्रकृति को
अशुद्धियों से शुद्ध रखने के लिए,
अपने आलोचकों के लिए
अपने पिछवाड़े में
एक झोपड़ी बनाएं
और उन्हें पास रखें।
– कबीर

बकरे के जीवन का
मूल्य मनुष्य के जीवन से
कम नही है।
जो जीव जितना अधिक अपग है,
उतना ही उसे मनुष्य की कूरता से
बचने के लिये मनुष्य का
आश्रय पाने का अधिकार है।
– महात्मा गाँधी

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

दुर्बल चरित्र वाला मनुष्य
उस सरकण्डे की भाति है
जो हवा के हर भळोंके पर
भळुक जाता है।
– महात्मा गाँधी

कठोर वचन तुम्हारे शरीर को
भेद नहीं सकते।
अगर कोई आपके बारे में
बुरा बोलता है, तो
बस बेफिक्र होकर चलते रहें।
– साईं बाबा

जो अंतर को देखता है,
बाह्य को नहीं,
वही सच्चा कलाकार है।
– महात्मा गाँधी

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

विश्व की सर्वश्रेष्ठ कला, संगीत व
साहित्य में भी कमियाँ देखी जा सकती है
लेकिन उनके यश और सौंदर्य का
आनंद लेना श्रेयस्कर है। – श्री परमहंस योगानंद

तर्क से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा जा
सकता। मूर्ख लोग तर्क करते हैं,
जबकि बुद्धिमान विचार
करते हैं। – श्री परमहंस योगानंद

प्रेरणादायक सफलता महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

खुद के लिये जीनेवाले की ओर कोई
ध्यान नहीं देता पर जब आप दूसरों
के लिये जीना सीख लेते हैं तो वे
आपके लिये जीते हैं। – श्री परमहंस योगानंद

असफलता का मौसम, सफलता के बीज बोने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय होता है। – परमहंस योगानंद

यदि आप धनवान हैं,
तो विनम्र बनें।
फल लगने पर पौधे झुक जाते हैं।
– साईं बाबा

घर मे यदि दीपक न जले तो वह दरिद्रता का चिन्ह है। हृदय मे ज्ञान का दीपक जलाना चाहिए। हृदय मे ज्ञान दीपक जला कर उस को देखो।
– श्री रामकृष्ण परमहम

आप केवल खड़े होकर
पानी को घूर कर
समुद्र पार नहीं कर सकते।
– रविंद्रनाथ टैगोर

भरोसा तो अपनी
सांसों का भी नहीं है
और हम इंसान पर करते हैं।

जब तक हम स्वयं निरपराध न
हों तब तक दूसरों पर कोई
आक्षेप सफलतापूर्वक नहीं
कर सकते। – सरदार पटेल

जो पुस्‍तकें सबसे अधिक
सोचने के लिए मजबूर करती हैं,
वही तुम्‍हारी सबसे बड़ी
सहायक हैं। – जवाहरलाल नेहरू

यह सच है कि पानी में तैरनेवाले ही
डूबते हैं, किनारे पर खड़े रहनेवाले
नहीं, मगर किनारे पर खड़े रहनेवाले
कभी तैरना भी नहीं सीख पाते। – सरदार पटेल

शत्रु का लोहा भले ही गर्म हो
जाए, पर हथौड़ा तो ठंडा रहकर
ही काम, दे सकता है। – सरदार पटेल

अनमोल वचन महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

दूसरों के दोष न देखें।
अपना चरित्र सुधारें।
अपना चरित्र पवित्र बनाएं।
संसार अपने आप सुधर जाएगा। — स्वमाी विवेकानंद

परमात्मा में विश्वास और उनके प्रति स्वार्पण करने वाले मानव को कभी किसी वस्तु की कमी नहीं रहती। —श्री वैणीराम शर्मा

मनुष्य के जीवन की
सफलता इसी में है कि
वह उपकार करने वाले
व्यक्ति को कभी न भूले। —वेद व्यास

पीड़ा से दृष्टि मिलती है,
इसलिए आत्मपीड़न ही
आत्मदर्शन का माध्यम है।
– भगवान महावीर

आलसी सुखी नहीं हो सकता, निद्रालु ज्ञानी नहीं हो सकता, मम्त्व रखनेवाला वैराग्यवान नहीं हो सकता और हिंसक दयालु नहीं हो सकता। – भगवान महावीर

“तितली महीने नहीं क्षण गिनती है,
और उसके पास पर्याप्त समय होता है।”
“रबिन्द्रनाथ टैगोर”

अपने को संकट में डाल
कर कार्य संपन्न करने वालों की
विजय होती है, कायरों की
नहीं। – जवाहरलाल नेहरू

महान ध्येय के प्रयत्न में ही आनंद है, उल्लास है और किसी अंश तक प्राप्ति की मात्रा भी है। – जवाहरलाल नेहरू

केवल कर्महीन ही ऐसे होते हैं,
जो सदा भाग्‍य को कोसते हैं और
जिनके, पास शिकायतों का
अंबार होता है। – जवाहर लाल नेहर

Success महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

श्रेष्‍ठतम मार्ग खोजने की प्रतीक्षा के बजाय, हम गलत रास्‍ते से बचते रहें और बेहतर रास्‍ते को अपनाते रहें। – पं. जवाहर लाल नेहरू

जीवन ताश के खेल के समान है, आप को जो पत्‍ते मिलते हैं वह नियति है, आप कैसे खेलते हैं वह आपकी स्‍वेच्‍छा है। – पं. जवाहर लाल नेहरू

स्वयं कर्म, जब तक मुझे यह
भरोसा होता है कि यह सही
कर्म है, मुझे संतुष्टि देता है।
– जवाहर लाल नेहरु

“हम महानता के
सबसे करीब तब होते है,
जब हम विनम्रता में
महान होते है |”
“रवीन्द्रनाथ टैगोर”

संसार में ऐसे लोग थोड़े ही होते हैं,
जो कठोर किंतु हित की
बात कहने वाले होते है
– महर्षि वाल्मीकि

दया धर्म का मूल है,
पाप – मूल अभिमान |
तुलसी दया न छोडिए,
जब लगि घट में प्रान ||
“तुलसीदास”

सबसे बड़ा दान तो अभयदान है,
जो सत्य, अहिंसा का पालन
करने से दिया जा सकता है |
“वेदव्यास”

महान व्यक्तियों महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार

भक्ति वह है जो ज्ञान उत्पन्न
करती है; ज्ञान वह है जो
स्वतंत्रता को गढ़ता है।
– तुलसीदास

जो अकेले चलते है,
वे तेजी से बढ़ते है |
“नैपोलियन”

वह पुरूष धन्‍य है जो काम करने में
कभी पीछे नहीं हटता, भाग्‍यलक्ष्‍मी
उसके घर की राह पूछती हुई
चली आती है। – भगवान महावीर

दूसरों को दण्‍ड देना सहज है,
किन्‍तु उन्‍हें क्षमा करना और
उनकी भूल सुधारना अत्‍यधिक
कठिन कार्य है। – भगवान महावीर स्‍वामी

यदि बहरों को सुनना है तो
आवाज को बहुत
जोरदार होना होगा। – भगत सिंह

अच्छे चरित्र निर्माण करना ही
छात्रों का मुख्य
कर्तव्य होना चाहियें। – नेताजी सुभाष चन्द्र बोस

शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं
आती है बल्कि यह एक अदम्य
इच्छा शक्ति से आता है –
महात्मा गांधी Mahatma Gandhi

भोग में रोग का, उच्च-कुल में
पतन का, धन में राजा का, मान में अपमान का,
बल में शत्रु का, रूप में बुढ़ापे का और शास्त्र में विवाद
का डर है। भय रहित तो केवल वैराग्य ही है। – भगवान महावीर

 

दोस्तों आपने इस लेख के महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार अवश्य पढ़े होंगे यह सुविचार आपके जीवन में बहुत काम आयेंगे। इस लेख के सुविचारों को आपको अपने दोस्तो के साथ भी शेयर करना चाहिए। महापुरुषों के सुविचार पढ़ना आपके दोस्तों के जीवन के लिए भी एक सही कदम हो सकता है और यह सुविचार आपके दोस्तों के जीवन को भी बदल देगा।

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